प्रीति जिंटा "द रियल हीरो ऑफ़ अवर नेशन"

प्रीति जिंटा का नाम कौन नहीं जानता । वह एक भारतीय सफल फिल्म अभिनेत्री ही नहीं,  बल्कि क्रिकेट जगत की एक जानी- पहचानी सफल हस्ती भी है। वर्तमान में प्रीति जिंटा क्रिकेट आईपीएल  में पंजाब किंग्स इलेवन की सह मालकीन भी है  । प्रीति जिंटा को अक्सर अपनी क्रिकेट टीम की हौसला अफजाई करते हुए देखा जाता है, लेकिन 21 में 2025 को प्रीति जिंटा ने जो काम ऑपरेशन सिंदूर के वीरों के परिवारों को लेकर किया वह अभी तक मुंबई में रहकर अभिनय करने वाले किसी अभिनेता ने नहीं किया है। 
 प्रीति जिंटा के उसे काम को प्रणाम करते हैं  जो प्रीति जिंटा ने किया है।  
 पहलगाम हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर चलाया गया जिसके तहत् भारत ने पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया । इस दौरान भारतीय सैनिकों ने अपने शौर्य से व गर्व से देश का सीना चौड़ा कर दिया  । 
इस बड़े ऑपरेशन के बाद ही अब प्रीति जिंटा ने शहीदों के सैनिकों के परिवारों और बच्चों के कल्याण के लिए मदद का हाथ बढ़ाया है और दक्षिणी पश्चिमी कमान के आर्मी वाइप्स वेलफेयर संगठन को एक करोड़ 10 लाख की मदद की है। हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर मे शामिल उन् शहीद सैनिकों  के एक वेलफेयर कार्यक्रम में  उन वीरांगनाओं, वीर पुत्रों एवं माता- पिताओं के साथ कार्यक्रम में शामिल होकर और  देशभक्त परिवारों को जो सहायता राशी देकर सम्मान दिया है उसके लिए प्रीति जिंटा को पूरे देश का प्रणाम।
 प्रीति जिंटा ने कार्यक्रम में शामिल होकर एवं एक करोड़ 10 लाख रूपये की राशि देकर पूरे देश को शहीदों के सम्मान के लिए एवं उनके परिवारों के
सहयोग एवं सम्मान के लिए प्रेरणा दी है और जो कहा है वह है-" हमारी सेना,  हमारी भारतीय सेना न केवल बहादुर हैं बल्कि अविश्वसनीय रूप से बहादुर हैं फिर भी इन सैनिकों के परिवार और भी अधिक बहादुर और वीर है। कुछ ने हमारे देश के लिए अपनी जान दे दी जबकि अन्य युद्ध के मैदान से जख्मों के निशान लेकर वापस आए। सभी वीर, पति, बेटे, भाई और पिता थे। यह हमारी भारतीय सेना के हिस्सा है और उन्होंने हमारे कल के लिए अपना आज बलिदान कर दिया, हम उन्हें कभी नहीं जान पाएंगे। हम में से  ज्यादातर लोग उनके बारे में कभी नहीं सुनेंगे उनके बारे में नहीं सोचेंगे या उन्हें याद नहीं करेंगे। हम बातचीत में उनके बलिदान का जिक्र कर सकते हैं और अपनी जिंदगी में आगे बढ़ने के लिए आगे से पहले एक पल के लिए उनकी बहादुरी की प्रशंसा कर सकते हैं "।

 प्रीति जिंटा ने अपने प्रिय जनों को खोने वाले परिवारों के लिए और परिवारों के दर्द को दर्शाते हुए कहा "इस कार्यक्रम में मैं उन महिलाओं से मिली जो इन पुरुषों को हर दिन और अपने जीवन के हर पल याद करती होगी।  मैं उन बच्चों से मिली और मैने उनकी मुस्कान देखी।  कोई शिकायत नहीं थी और कोई आंसू नहीं थे केवल गर्व , शक्ति और बलिदान" । उस सभागार में इतनी बहादुरी थी जिसने मुझे शब्दों से परे विनम्र बना दिया । इन वीर नारियों और उनके परिवारों के साथ मंच साझा करना वास्तव में मेरे लिए सम्मान की बात थी । प्रीति जिंटा ने कहा आपकी सेवा और बलिदान के लिए धन्यवाद और उन्हें यह बताया कि उन्हें भुलाया नहीं गया है और हम हमेशा वीर सैनिकों और उनके परिवारों के ऋणी है । यह भी कहा कि जब तक इन जैसे नायक देश की सीमाओं की रक्षा करते हैं तब हमारा देश सुरक्षित हाथों में है। हर कोई हमारे रक्षा क्षेत्र के परिवारों को धन्यवाद कहने का कोई तरीका ढूंढ कर अपना काम कर सकता है। प्रीति जिंटा ने वीर सैनिकों  को सम्मान और उनके परिवारों के प्रति सम्मान  और सम्मान राशि दी है, उसके लिए पूरा देश प्रीति को सलाम करता है, साथ ही प्रीति के पवित्र कार्य से प्रेरणा लेकर ओरों को भी सैनिकों के परिवार के प्रति अपने जिम्मेदारी निभाने की भी प्रेरणा देता है ।
 प्रीति जिंटा ने वर्ष 2000 में अपने 34 वें जन्मदिन को खास बनाने के लिए  34 अनाथ लड़कियों को गोद लेकर न केवल उनकी जिंदगी सवांरी बल्कि समाज को  यह संदेश भी दिया कि हर बच्चा एक बेहतर भविष्य का हकदार है। प्रीति की यह पहल हमें सिखाती है कि मानवता और करुणा से बड़ा कोई उत्सव नहीं हो सकता। प्रीति जिंटा आज भी अपने प्रशंसकों के लिए एक प्रेरणा है चाहे वह उनकी फिल्में हो, सामाजिक कार्य हो या फिर मां और पत्नी के रूप में उनकी जिम्मेदारियां। प्रीति जिंटा का सैनिकों के परिवार के लोगों के प्रति किया गया आर्थिक सहयोग एवं अनाथ लड़कियों को गोद लेने का कार्य हर उस भारतीय व्यक्ति को प्रेरित करता है जो अपने छोटे-छोटे प्रयासों से समाज और देश में बदलाव लाना चाहते हैं।
प्रीति जिंटा को आईपीएल के18 वे संस्करण में उपविजेता बनने के लिए हार्दिक बधाई। जय हिंद।

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