मन से शक्तिशाली कुछ भी नहीं

गीता मे भगवान श्री कृष्ण कहते हैं शक्तिशाली व्यक्ति वह नहीं जो बलवान है,बुद्धिमान है,या धनवान है । यह तो प्राय: पद है जो उसे उसकी योग्यता के अनुसार प्राप्त होते हैं ,परंतु शक्तिशाली व्यक्ति वह है जिसके भीतर इच्छा शक्ति प्रबल हो ।जिसके भीतर सब कुछ शून्य हो जाने पर भी पुनः प्रयास करने की प्रबल इच्छा हो। स्मरण रखिएगा जिसका मन शक्तिशाली है वह कभी असफल नहीं हो सकता , क्योंकि इस मन में ईश्वर का वास है। गीता सार

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